हल्द्वानी, जुलाई 13 -- हल्द्वानी। गौलापार-तीनपानी बाईपास फ्लाईओवर पर शनिवार रात हुए सड़क हादसे ने सिर्फ चार युवकों की जान ही नहीं ली, बल्कि इंसानियत पर भी कई सवाल खड़े कर दिए। चारों युवक सड़क किनारे तड़पते रहे, इस दौरान उनके परिजन फ्लाईओवर पर गुजरने वाले वाहनों को रोक-रोककर मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी ने नहीं सुनी और नजरअंदाज कर आगे बढ़ते रहे। मृतक राहुल राजपूत के भाई रामपाल का कहना है कि यदि हादसे के तुरंत बाद किसी ने मानवता दिखाते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया होता तो शायद चारों में से किसी की जान बच सकती थी। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा दर्द इस बात का है कि मदद की गुहार लगाने के बावजूद लोगों ने मुंह मोड़ लिया। राहुल के पिता किशन पाल ने भी कहा कि समय पर इलाज मिलता तो किसी न किसी की जान बच जाती। रामपाल ने पुलिस कर्मियों पर भी म...