बांदा, अप्रैल 21 -- बांदा। दो वर्ष पूर्व बुंदेलखंड एक्सप्रेस का निर्माण कराया गया था। इसमें लाखों पौधे काट डाले गए, पर बदले में आधे पौधे भी नहीं रोपित किए। इसी तरह शहर व जिले में कई सड़कों का चौड़ीकरण कराया गया। इनमें बड़े व प्राचीन पेड़ काट दिए गए। पर्यावरण प्रेमी व महिला महाविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. दीपाली गुप्ता कहती हैं हरियाली के प्रति लापरवाही से हमें व आने वाली पीढ़ी को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। प्रत्येक परिवार को कम से कम हर वर्ष चार-चार पौधे लगाने चाहिए। यह भी पढ़ें- नवाब टैंक के पास ग्रीन बेल्ट में खड़े हो गए मकान यह भी पढ़ें- फ्लैग: पृथ्वी दिवस सड़कें तो बन गई पर गायब होगी वृक्षों की छाया यह भी पढ़ें- सूख रहे तालाब और नदियां

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