गुमला, जून 27 -- रायडीह प्रतिनिधि। रायडीह प्रखंड की सुरसांग पंचायत स्थित घोड़ापहाड़ गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। जंगल के बीच बसे इस गांव में 30 नगेसिया जनजाति परिवार निवास करते हैं, जिनकी आजीविका मुख्य रूप से खेती और वन उपज पर निर्भर है। बिरकेरा-सुरसांग मुख्य मार्ग से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित होने के बावजूद गांव तक पहुंचने के लिए आज भी पक्की सड़क नहीं है। ग्रामीण खेतों और पगडंडियों के सहारे आवाजाही करने को मजबूर हैं। बरसात के दिनों में गांव पूरी तरह टापू बन जाता है।युवा समाजसेवी कमल किशोर किसान की पहल पर ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें गांव की समस्याओं पर चर्चा हुई। यह भी पढ़ें- आदिवासी गांव गोरधवा कोड़ासी की नहीं बदली तस्वीर ग्रामीणों ने बताया कि गांव में केवल एक कुआं है। बरसात के दौरान उसमें गंदा और लाल रंग का...