पटना, दिसम्बर 25 -- राजधानी में जाम की स्थिति और सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण ई-रिक्शा बन गया है। एक ही सड़क पर जरूरत से ज्यादा ई-रिक्शा की मौजूदगी से पैदल चलना मुश्किल हो गया है। दूसरी ओर खाली ई-रिक्शा चालकों के बीच सवारी बैठाने की होड़ मची रहती है। इस कारण आए दिन ई-रिक्शा से टकराने, चोट लगने आदि जैसी घटनाएं होती है। एक व्यक्ति के नाम पर 20 से 25 ई-रिक्शा का पंजीयन है। एक बार पंजीयन करवाने के बाद उसे नाबालिग को देकर चलाया जाता है। ये नाबालिग ट्रैफिक नियमों से अनजान रहते हैं। ये तमाम चीजें जिला परिवहन कार्यालय के समीक्षा में निकल कर आई है। बता दें कि इन दिनों जिला परिवहन कार्यालय की ओर से ऑटो की कलर कोडिंग और जोन वार चलाने की प्रक्रिया चल रही है। इस दौरान ई-रिक्शा पर भी इलाके वार समीक्षा हो रही है। इसमें देखा गया है कि 80 फीसदी ई-रिक्शा ...
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