गया, मार्च 2 -- दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के इंस्टीटूशन्स इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) के अंतर्गत गठित इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स कमेटी की ओर से भौगोलिक संकेत (जीआई) एवं जीआई आवेदन का प्रारूपण विषय पर एक ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। बौद्धिक संपदा अधिकारों के विशेषज्ञ अधिवक्ता अमरजीत खरब ने अपने संबोधन में भौगोलिक संकेतों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, सैद्धांतिक आधार तथा भारतीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विधिक ढांचे में उनके विकास पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जीआई को एक महत्वपूर्ण बौद्धिक संपदा अधिकार बताते हुए उत्पाद की विशिष्ट गुणवत्ता और उसके भौगोलिक क्षेत्र के बीच संबंध को स्पष्ट किया। व्याख्यान का प्रमुख आकर्षण जीआई आवेदन के प्रारूपण की प्रक्रिया रही। वक्ता ने भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री द्वारा निर्धारित प्रक्रियात्मक आवश्...