दरभंगा, मार्च 21 -- बेनीपुर। प्रखंड के सझुआर गांव के महावीर मंदिर परिसर में चल रही रामकथा के दूसरे दिन शुक्रवार को नंदजी महाराज ने राम जीवन को संकटों के बीच धर्म की रक्षा और मानवता-नैतिकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस स्वार्थ, त्याग, सेवा, हिमालय का सम्मान, करुणा और समानता का पाठ पढ़ाता है। केवट, शबरी और बंदर सेवा के उदाहरण दी। भगवान शिव की चर्चा में महाराज ने कहा कि पारिवारिक समरसता के लिए शिव परिवार आदर्श है। परिवार में समझ-एकजुटता हो तो समाज विकसित होगा और संकटों का समाधान आसान है।
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