सजा बढ़ाने में नौ गवाह, दस्तावेजी साक्ष्य बने आधार
रामपुर, मई 24 -- सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के दो पैनकार्ड प्रकरण में आजम और अब्दुल्ला को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए अभियोजन की तरफ से नौ गवाह, दस्तावेजी साक्ष्य और हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट की विधि व्यवस्थाएं प्रस्तुत कीं गई, जो सेशन कोर्ट में सजा बढ़ाने के लिए मुख्य आधार बनीं। इस चर्चित केस की विवेचना सब इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार कटियार और ऋषिपाल सिंह ने की। विवेचना में प्रथम नंबर पर केस के वादी भाजपा नेता एवं शहर विधायक आकाश सक्सेना के बयान लिए गए थे। जबकि, दूसरे नंबर पर मुख्य प्रबंधक एसबीआई अजय कुमार को गवाह बनाया गया। जबकि, बचाव पक्ष की ओर से 18 गवाह और एक्सपर्ट पेश किए गए। लेकिन, इनकी गवाही अभियोजन के गवाहों और साक्ष्यों के आगे टिक नहीं सकी। जिस पर अभियोजन ने निचली अदालत के फैसले को सेशन कोर्ट में चुनौती दी, जहां पर गवाहों के ब...
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