सजा इतनी कठोर भी नहीं हो कि सुधरने का मौका ही न बचे; अदालत ने किस मामले में फैसला देते हुए कही यह बात
नई दिल्ली, जून 26 -- दिल्ली की एक अदालत ने हत्या की कोशिश के पांच साल पुराने एक मामले में चार दोषियों को 54-54 महीनों (चार साल और छह महीने) की सजा सुनाई है, साथ ही एक दोषी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। फैसला सुनाते हुए अदालत ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि दोषियों को दी जाने वाली सजा इतनी भी कठोर नहीं होनी चाहिए कि सुधरने का कोई मौका ही खत्म हो जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि, क्योंकि दोषी 2021 से कठोर ट्रायल का सामना कर रहे हैं, इसलिए सजा देते हुए एक संतुलित नजरिया अपनाते हुए उनकी कम उम्र को भी ध्यान में रखना होगा। एडिशनल सेशंस जज सैयद जिशान अली वारसी की अदालत ने इस मामले को लेकर साहिल, सनी, कपिल और शिवम को दोषी ठहराया था। इन चारों आरोपियों को इस महीने की शुरुआत में IPC की धारा 307 (हत्या की कोशिश) और 34 (समान आशय) क...
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