दरभंगा, मार्च 1 -- दरभंगा। आनंद सत्संग आश्रम, लक्ष्मीसागर में आयोजित श्रीमदभागवत सप्ताह के सातवें दिन रविवार को आचार्य वेदानंद शास्त्री ने भगवान के अवतारों के प्रयोजन से कथा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि सच्चे मन से की गयी सेवा ही फलीभूत होती है। श्रद्धा और विश्वास के लिए किसी को कहने की जरुरत नहीं होती है। यह तो स्वत: अपने अंतरात्मा में उपजती है। उन्होंने भगवान के जन्मोत्सव को नन्द बाबा के घर आनंद की बात बतायी। ध्रुव एवं प्रह्लाद की कथा बताते हुए उन्होंने कहा कि राजपुत्र होने के वावजूद उन लोगों का मन प्रभु का स्मरण एवं उनके दर्शन में लगा रहा। प्रत्येक मानव को अपने पुत्र को सत्पात्र जैसा संस्कार देना चाहिए।
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