कानपुर, मार्च 27 -- कानपुर। विश्वविद्यालय स्थित वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई सभागार में आयोजित श्री हनुमान कथा के छठवें दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। आचार्य विजय कौशल महाराज ने ओजपूर्ण वाणी में हनुमत चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि हनुमान जी का स्मरण जीवन में धैर्य, साहस और अटूट भक्ति का संचार करता है। उन्होंने बताया कि संकट के समय सच्ची श्रद्धा और विश्वास ही मनुष्य को आगे बढ़ने की शक्ति देता है। महाराज ने स्पष्ट किया कि बाहरी आडंबर से नहीं, बल्कि सच्चे मन से किया गया भजन ही भगवान तक पहुंचता है। उन्होंने नारद प्रसंग का मार्मिक वर्णन करते हुए समझाया कि अहंकार मनुष्य के विवेक को नष्ट कर देता है और गलत संगति उसके पतन का कारण बनती है। भगवान अपने भक्तों के अहंकार को दूर कर उन्हें सही मार्ग पर लाते हैं। उन्होंने कहा कि सच्चा भक...