चंदौली, मार्च 12 -- इलिया, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के धन्नीपुर गांव में राधा-कृष्ण सेवा समिति की ओर से आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन श्रद्धालु कथा श्रवण कर भाव विभोर दिखे। कथावाचक व्रजरज दास महाराज ने कथा का वृतांत सुनाते हुए भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया।कथावाचक ने बताया कि विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी भगवान श्रीकृष्ण को अपना आराध्य मानती थीं और उनसे विवाह की इच्छा रखती थी, लेकिन उनके भाई रुक्मी ने उनका विवाह शिशुपाल से कराने का निर्णय लिया था। ऐसे में रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को संदेश भेजकर उन्हें अपनी भावना व्यक्त की। भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी की भक्ति और समर्पण से प्रसन्न होकर उन्हें स्वयंवर से हर कर अपने साथ ले गए और विधि-विधान से विवाह किया। कथावाचक व्रजरज दास महारा...