सच्चे भक्त का सम्मान स्वयं भगवान करते हैं: चैतन्य हरिचरत महाराज
आगरा, जून 14 -- सीताराम मंदिर वजीरपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के सप्तम एवं अंतिम दिवस द्वारिका लीला, सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष एवं भागवत महापुराण पूजन का भावपूर्ण वर्णन किया गया।
कथा का महत्व कथा व्यास भागवताचार्य चैतन्य हरिचरत महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का मार्मिक प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए महाराज ने कहा कि भगवान केवल भाव के भूखे होते हैं।
सुदामा की भक्ति सुदामा के पास भगवान को अर्पित करने को केवल मुट्ठीभर चावल थे, लेकिन उनकी निष्काम भक्ति और प्रेम ने भगवान श्रीकृष्ण को इतना भावुक कर दिया कि उन्होंने अपने मित्र के जीवन को सुख-समृद्धि से भर दिया। यह प्रसंग सिखाता है कि भगवान के समक्ष धन, वैभव और बाहरी आडंबर का नहीं, बल्कि सच्चे प्रेम और समर्पण का मह...
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