सच्ची श्रद्धा, निर्मल हृदय और निष्काम भक्ति ही सबसे बड़ी पूजा
बलिया, जून 29 -- सुखपुरा, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के बेरूआरबारी में स्थित भगवान दास मंदिर करिहरा के परिसर में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के आठवें दिन कथा उस समय भावनाओं के शिखर पर पहुंच गई, जब कथावाचक राजन जी महाराज ने भगवान श्रीराम और माता शबरी के दिव्य मिलन का मार्मिक प्रसंग सुनाया। पूरा पंडाल भक्ति, प्रेम और श्रद्धा के भाव से सराबोर हो उठा। श्रद्धालु भाव-विभोर होकर प्रभु श्रीराम के जयकारे लगाने लगे।बाबा अमरनाथ सेवा समिति की ओर से आयोजित कथा में राजन जी ने कहा कि भरत मिलाप के बाद भगवान श्रीराम अपने अनुज लक्ष्मण के साथ माता शबरी के आश्रम पहुंचे। वर्षों से अपने गुरु के वचन के अनुसार प्रभु के आगमन की प्रतीक्षा कर रहीं माता शबरी ने प्रेम और अपार श्रद्धा से उनका स्वागत किया। उन्होंने प्रभु को चख-चखकर मीठे बेर अर्पित किए। भगवान श...
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