मुजफ्फरपुर, मई 31 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। उत्तर बिहार वाणिज्य एवं उद्योग परिषद के सभागार में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का रविवार को समापन हुआ। वृंदावन से आए कथा वाचक आचार्य कृष्ण भारद्वाज ने अंतिम दिन सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष एवं शुकदेव विदाई के प्रसंगों का वर्णन किया। कथा वाचक ने बताया कि सच्ची मित्रता पद, प्रतिष्ठा और संपत्ति की मोहताज नहीं होती। द्वारकाधीश बनने के बाद भी भगवान श्रीकृष्ण ने अपने निर्धन मित्र सुदामा को प्रेम और सम्मान से अपनाया। इस दौरान कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सुदामा और श्रीकृष्ण मिलन की जीवंत झांकी अदभूत रही। कथा के दौरान फूलों की होली का आयोजन किया गया। यह भी पढ़ें- भौतिकता के युग में स्वार्थ के लिए बनती हैं प्रीत : कथावाचक मौके पर वंदना अग्रवाल, किरण तुलस्यान, रितु भरतीया, पिंकी शर्मा, सुनीता भा...