सोनभद्र, अप्रैल 12 -- अनपरा,संवाददाता। सच्ची भक्ति के साथ भागवत कथा का श्रवण मात्र पापों का अंत कर मात्र सात दिनों में मोक्ष प्रदान कर सकता है। जीवन नश्वर है और प्रभु स्मरण की शक्ति और श्रद्धा से ही उसे मुक्ति सम्भव है। अनपरा परियोजना आवासीय परिसर स्थित शिवमंदिर में चल रहे संगीतमय भागवत कथा के अंतिम सातवें दिवस भारी संख्या में मौजूद श्रोताओं को राजा परीक्षित को श्रंगी श्रषि से मिले श्राप से मुक्ति को शुकदेव जी द्वारा भागवत कथा का प्रसंग सुनाते हुए वृंदावन से पधारे प्रवर कथा वाचक श्री श्याम जी उपाध्याय ने विभिन्न प्रसंगों के बीच आज बिरज में होली रे रसिया..सांवरे सूरत पर मेरा दिल दिवाना.. और श्री भागवत भगवान की है आरती पापियों को पाप से है तारती जैसे भजनों पर भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। देर रात्रि लगभग 11 बजे कथा का समापन प्रसाद वितरण...
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