गाजीपुर, अप्रैल 16 -- सैदपुर, हिन्दुस्तान संवाद। नगर स्थित बूढ़ेनाथ महादेव मंदिर में आयोजित सप्तदिवसीय रामकथा के छठे दिन कथा व्यास आचार्य शांतनु महाराज ने केवट प्रसंग और भरत मिलाप का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। बताया कि केवट प्रसंग भगवान श्रीराम की भक्तवत्सलता और केवट के निष्कपट प्रेम का अद्भुत उदाहरण है। केवट ने भगवान से किसी प्रकार का धन या वैभव नहीं मांगा, बल्कि उनके चरण धोने का अवसर मांगा। गंगा पार कराने के बाद भी उसने उतराई लेने से इनकार कर प्रभु के चरणों में समर्पित हो गया। आचार्य ने कहा कि यह प्रसंग सिखाता है कि सच्ची भक्ति निस्वार्थ होती है। इसके बाद भरत मिलाप प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने भ्रातृ प्रेम की महिमा को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और भरत का मिलन त्याग, प्रेम और समर्पण की सर्वोच्च मिसाल है। भरत ने ...
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