गुड़गांव, अप्रैल 19 -- गुरुग्राम साक्षी रावत। नए सत्र के साथ ही स्कूलों की रौनक लौट आई है, लेकिन इसके साथ बच्चों के कंधों पर बढ़ते बस्ते का बोझ भी फिर चर्चा में आ गया है। कई अभिभावक लगातार शिकायत कर रहे थे कि निजी स्कूलों में अनावश्यक किताबें, भारी रेफरेंस बुक्स और अन्य सामग्री थोपे जाने से बच्चों के बैग का वजन तय मानकों से कहीं अधिक हो रहा है। छोटे-छोटे बच्चों को रोजाना भारी बस्ते ढोने पड़ रहे हैं, जिससे उनकी सेहत पर असर पड़ने की चिंता भी बढ़ी है। इसको देखते हुए हरियाणा शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। यह भी पढ़ें- बीएसए ने बीईओ और प्रधानाचार्यो को जारी किया आदेश विभाग ने न सिर्फ स्कूल बैग के वजन की सीमा तय की है, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार की अनावश्यक किताबें, महंगे प्रकाशकों की पुस्तकें...
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