एटा, मार्च 15 -- सकीट। रविवार को 25 वां रोजा पूरे होने पर कस्बा की जामा मस्जिद में संजय उपाध्याय ने रोजेदारो को इफ्तार कराते हुए भाईचारे की मिशाल कायम की। इस्लाम धर्म के इस मुबारक महीने को शुरू हुए 25 दिन बीत चुके है। रमजान को इबादत और बरकती के साथ ही नेकी का महीना भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस महीने किए गए हर नेक काम का 70 गुना अधिक सवाब मिलता है। वहीं नेकी के रास्ते पर चलने वाले बंदों पर अल्लाह की रहमत बरसती है। साथ ही रमजान सब्र और नफ्ज पर कंट्रोल करने का भी महीना है। रमजान में रोजा के दौरान दिनभर भूखे -प्यासे रहने के साथ ही बुरे कामों से दूर रहने, बुरी बाते न करना आदि भी रोजेदारों का मकसद होता है। रमजान में रोजा रखने और खोलने के लिए सहरी -इफ्तार करना एक रस्म या नियम की तरह है,जो कि महत्वपूर्ण मानी जाती है। रोजा इफ्तार के दौरान सदर ...
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