नई दिल्ली, अक्टूबर 23 -- सऊदी अरब पर बढ़ते हमलों और दुनिया की तेल सप्लाई बाधित होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में करीब एक सप्ताह की सबसे बड़ी तेजी दर्ज की गई। इससे भारत जैसे देश में महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ने का रिस्क रहेगा। यानी आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के आसार हैं। बता दें एक बैरल कच्चे तेल में 10 डॉलर की बढ़ोतरी की वजह से कंपनियों को करीब 6 रुपये प्रति लीटर का नुकसान होता है। ईरान-अमेरिका युद्ध से अबतक कच्चा तेल 85 प्रतिशत से अधिक महंगा हो चुका है। इसके बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के रेट केवल 8.50 प्रतिशत ही बढ़े हैं। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड 113 डॉलर प्रति बैरल के पार बंद हुआ, जबकि अमेरिकी कच्चा तेल WTI करीब 99 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी र...