नई दिल्ली, अक्टूबर 6 -- सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के एक के बाद एक हमलों के बीच पहली बार मक्का समझौता लागू हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' की शर्तों के तहत पाकिस्तान और तुर्की ने अपनी फौज को सऊदी अरब भेजने का फैसला किया है। यह फैसला सोमवार को रियाद में हुई एक इमरजेंसी बैठक के बाद लिया गया है। जानकारी के मुताबिक इस बैठक में तीनों देशों के बड़े नेता शामिल हुए। पाकिस्तान की तरफ से इसमें सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, विदेश मंत्री इशाक डार और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ समेत मौजूद रहे। इस दौरान तीनों देशों ने एक बयान जारी कर हूती विद्रोहियों के हमलों कड़ी निंदा की और कहा कि यह हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। यह भी पढ़ें- सऊदी अरब पर हमले से खुली 'मक्का पैक्ट' की पोल, पाकिस्तान बोला-यह डिफेंसिव...अगस्त में हुआ...