नई दिल्ली, दिसम्बर 14 -- केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने रविवार को कहा कि लोकतंत्र में हर संस्था की अपनी सीमाएं होती हैं और सुचारु लोकतांत्रिक कामकाज उन सीमाओं को जानने और उनका सम्मान करने पर निर्भर करता है। राज्यपाल ने पूर्व प्रधान न्यायाधीश और केरल के पूर्व राज्यपाल न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) पी. सदाशिवम को न्यायमूर्ति वी. आर. कृष्ण अय्यर पुरस्कार प्रदान करने के बाद मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की। यह पुरस्कार लॉ ट्रस्ट (कानूनी सहायता और कल्याण ट्रस्ट) द्वारा स्थापित किया गया है। अर्लेकर का बयान हाल ही में उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए उस निर्देश के संदर्भ में आया है, जिसमें केरल के दो तकनीकी विश्वविद्यालयों में कुलपति की नियुक्ति के लिए एक-एक नाम की सिफारिश करने के वास्ते न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) सुधांशु धूल...
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