लखनऊ, फरवरी 12 -- लखनऊ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग की ओर से डीपी मुखर्जी सभागार में सामाजिक दृष्टि से कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषयक विशेष व्याख्यान का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के समाजशास्त्रीय आयामों तथा इसके समाज, संस्कृति, शासन और दैनिक जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों के प्रति संवेदनशील बनाना था। वक्ता नई दिल्ली पब्लिक एक्शन के रिसर्च निदेशक व प्रोफेसर डॉ. ए. प्रभाहरण ने कहा कि एआई केवल एक तकनीकी प्रगति नहीं है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण सामाजिक शक्ति है जो संस्थाओं, असमानताओं, शासन व्यवस्था और डिजिटल जीवन को प्रभावित कर रही है। विभागाध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार गुप्ता सहित संकाय सदस्य, शोधार्थी व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। समन्वयन डॉ. सुषमा मिश्रा ने किया।
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