दरभंगा, अप्रैल 22 -- दरभंगा, नगर संवाददाता। संस्कृत विश्वविद्यालय के दरबार हॉल में सीनेट की 49वीं बैठक में स्वागत करते हुए कुलपति प्रो. लक्ष्मीनिवास पांडेय ने कहा कि संस्कृत पढ़ने वाले बच्चे भी बड़े ओहदे व यश-कीर्ति हासिल कर सकते हैं। इसके लिए पूरी लगन, समर्पण एवं निष्ठापूर्वक अध्ययन की आवश्यकता है। कुलपति ने वर्तमान परिपेक्ष्य में भी संस्कृत शिक्षा को बेहद रोजगारोन्मुखी बताते हुए कहा कि संस्कृत के छात्रों को भी अन्य विषयों के छात्रों के समान पर्याप्त रोजगार के अवसर प्राप्त हैं। उन्होंने कहा कि हमने अपने छात्रों के साथ-साथ अन्य इच्छुक छात्रों को प्राच्य विषयों के साथ-साथ अंग्रेजी एवं कम्प्यूटर ज्ञान से परिपूर्ण शिक्षा प्रदान कराने की व्यवस्था की है। यह भी पढ़ें- चार अरब 57 करोड़ के घाटे का बजट पारित इसके साथ ही संस्कृत सम्भाषण के प्रशिक्षण ...
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