हरिद्वार, मई 4 -- उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित सात दिवसीय वैकल्पिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा कार्यशाला का सोमवार को समापन हो गया। योग विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में उत्तराखंड समेत हिमाचल प्रदेश से आए करीब 200 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग कर योग और प्राकृतिक चिकित्सा की विभिन्न विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण लिया। कार्यशाला में प्रतिभागियों को योग, पंचकर्म, आहार चिकित्सा, जल चिकित्सा, सूर्य चिकित्सा, प्राणायाम और ध्यान जैसी विधाओं की गहन जानकारी दी गई। संयोजक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. लक्ष्मीनारायण जोशी ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। कुलपति प्रो. रमाकांत पांडे ने कहा कि वर्तमान समय में योग और प्राकृतिक चिकित्सा की उपयोगिता तेजी से बढ़ी है। मुख्य अतिथि गंगा सभा अध्य...
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