वाराणसी, मई 4 -- वाराणसी। गुजरात स्थापना दिवस पर सोमवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में डांडिया-गरबा का आयोजन हुआ। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि सांस्कृतिक विविधता हमारी सबसे बड़ी धरोहर है। डांडिया और गरबा जैसे लोकनृत्य केवल मनोरंजन के साधन नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना और परंपराओं के जीवंत प्रतीक हैं। कार्यक्रम की समन्वयक प्रो. विद्या कुमारी चंद्रा रहीं। इस दौरान प्रो. विधु द्विवेदी, डॉ. विशाखा शुक्ला, डॉ विजय कुमार शर्मा, डॉ. रानी द्विवेदी सहित अध्यापकों और विद्यार्थियों ने सहभाग किया।

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