लखीमपुरखीरी, जनवरी 23 -- देवकली तीर्थ स्थल पर श्रीमती चंद्रकला आश्रम संस्कृत विद्यापीठ में बसंत पंचमी पर सर्वप्रथम मां शारदे का विधिवत पूजन-अर्चन कर विद्यापीठ का वार्षिकोत्सव मनाया गया। फिर महंत प्रमोद जी महाराज का तृतीय पट्टाभिषेक वैदिक विधि-विधान एवं समारोह के साथ संपन्न हुआ। गुरुकुल के बटुक ब्रह्मचारियों ने अपने माता-पिता का पूजन कर भारतीय संस्कृति की सर्वोच्च मर्यादा को जीवंत कर दिया। वेद मंत्रों की मंगल ध्वनि, संत-महात्माओं का सान्निध्य और आध्यात्मिक वातावरण उपस्थित श्रद्धालुओं को साक्षात् देवलोक की अनुभूति करा रहा था।
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