रिषिकेष, मई 3 -- श्री दर्शन महाविद्यालय में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में नवप्रवेशी 60 बटुकों का उपनयन संस्कार किया गया और उन्हें यज्ञोपवीत की महत्ता की जानकारी दी गई। उपनयन संस्कार में आचार्यों ने सर्वप्रथम गणेशादि पंचाग पूजन कर लगभग 60 ब्रह्मचारियों को दशविध हिमाद्रि स्नान करवाया गया। यज्ञादि कार्यक्रम को संपन्न करने के पश्चात बालकों को विधिवत यज्ञोपवीत धारण करवा कर गुरुदीक्षा एवं गायत्री मंत्र प्रदान दिया गया। कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि संस्कृत शिक्षा भारत की गौरवमयी शिक्षा परम्परा है, इसका संरक्षण एवं संवर्धन बेहद आवश्यक है। दर्शन महाविद्यालय इस कार्य को सुदृढ़ता पूर्वक विगत 106 वर्षों से कर रहा है। संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार के कुलपति प्रो. रमाकान्त पांडेय ने संस्कृत और संस्कृति के महत...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.