लोहरदगा, मार्च 22 -- लोहरदगा, संवाददाता।वनवासी कल्याण केंद्र लोहरदगा की नगर महिला समिति की महिलाओं ने सरहुल महोत्सव मनाया। सरहुल की झांकी में हिस्सा लेने वाले लोगों के बीच गुड़, चना और शरबत का वितरण किया गया। समिति की अध्यक्ष सुमन राय ने कहा कि सरहुल प्रकृति का पर्व है। इसे समस्त भारतवासियों को इस पर्व को मनाना चाहिए। क्योंकि प्रकृति से ही हम हैं। हमें प्रकृति को संरक्षण प्रदान करना चाहिए। जिससे हमारे आने वाली पीढ़ी को शुद्ध और स्वच्छ वातावरण मिल सके। सरहुल केवल एक पर्व नहीं बल्कि झारखंडी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के बीच गहरे रिश्ता का प्रतीक है। यह पर्व प्रकृति के संरक्षण व संवर्धन का संदेश देता है।संगीता मित्तल ने कहा कि सरहुल केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति आस्था, सम्मान और संतुलित जीवन शैली का प्रतीक है। यह पर्व आदिवासी...