संस्कृति, परंपरा और एकता ही आदिवासी समाज की पहचान-चंपाई
आदित्यपुर, जुलाई 20 -- गम्हरिया। पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता है। अपनी विरासत को बचाये रखने के लिए समाज के युवक को आगे आने कहा। वे रविवार को कांड्रा स्थित फॉरेस्ट गेस्ट हाउस में को आदिवासी सांवता सुसार आखड़ा के तत्वावधान में वीर सोड़े सह मिलन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। चंपाई ने पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर देते हुए कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने और स्थानीय संसाधनों पर समुदाय के पारंपरिक अधिकारों की रक्षा के लिए कानून का सही ढंग से पालन जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील की। इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्...
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