अंबेडकर नगर, जनवरी 19 -- अम्बेडकरनगर, संवाददाता। कटेहरी के प्रहलादपट्टी में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। कथावाचक ने वामन अवतार की कथा, पूतना वध, नंदोत्सव और श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का सुंदर वर्णन किया। कथाव्यास पंकज शासत्री ने राजा बलि की कथा के माध्यम से समर्पण और श्रीकृष्ण के बचपन के प्रसंगों से संस्कारों का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि परमात्मा ही परम सत्य है। जब हमारी वृत्ति परमात्मा में लगेगी तो संसार गायब हो जाएगा। प्रश्न यह है कि परमात्मा संसार में घुले-मिले हैं तो संसार का नाश होने पर भी परमात्मा का नाश क्यों नहीं होता। इसका उत्तर यही है कि भगवान संसार से जुड़े भी हैं और अलग भी हैं। आकाश में बादल रहता है और बादल के अंदर भी आकाश तत्व है। बादल के गायब होने पर भी आकाश गायब नहीं होता। इसी...
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