मैनपुरी, मई 1 -- भगवान बुद्ध की जयंती, जिसे बुद्ध पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है, विश्व शांति और अहिंसा का प्रतीक है। गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति (निर्वाण) और महापरिनिर्वाण, इन तीनों महत्वपूर्ण घटनाओं का संगम है। बुद्ध ने संसार को अप्प दीपो भव (अपना प्रकाश स्वयं बनें) का मार्ग दिखाया। उनके बताए अष्टांगिक मार्ग और करुणा के सिद्धांत आज के संघर्षपूर्ण युग में अत्यंत प्रासंगिक हैं। यह पर्व हमें घृणा को प्रेम से और बुराई को अच्छाई से जीतने की प्रेरणा देता है। बुद्ध का जीवन दर्शन मानवता के कल्याण और आंतरिक शांति का शाश्वत स्रोत है। शुक्रवार को जिलेभर में कार्यक्रम आयोजित हुए और शोभायात्राएं निकाली गईं। प्रसाद के रूप में खीर का वितरण किया गया। किशनी में बुद्ध पूर्णिमा पर हुई खीर वितरित यह भी पढ़ें- बुद्ध पूर्णिमा पर निकाली गई भव्य धम्म...
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