संसार की वस्तुओं में दुख, ईश्वर की भक्ति में ही सच्चा आनंद : गोकुलानंद
रांची, मई 24 -- रांची, वरीय संवाददाता। चुटिया में योगदा सत्संग आश्रम में रविवार को सत्संग का आयोजन किया गया।
स्वामी गोकुलानंद गिरि का संदेश आश्रम में आयोजित रविवारीय सत्संग में स्वामी गोकुलानंद गिरि ने साधकों को आत्मा के क्रमिक विकास के नये आयाम की बुनियादी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आत्मा सर्वप्रथम जड़मय, उसके बाद प्राणमय, फिर मनमय, तत्पश्चात ज्ञानमय कोष से होते हुए आनन्दमय कोष में स्वयं को विलीन कर देती है। यहीं उसका उद्देश्य भी है और यही इसका गंतव्य है। क्योंकि, मानव शरीर के उद्देश्य का लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ ईश्वर को प्राप्त करना है। इस सत्संग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि जब हम ईश्वर को छोड़कर, अन्य चीजों को प्राप्त करने के लिए दिमाग लगाना शुरू कर देते हैं तो दुख ही हाथ लगता है। लेकिन, जैसे ही हम ईश्वर ...
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