बागपत, अप्रैल 17 -- बरनावा स्थित महृषि वेद व्यास वानप्रस्थ आश्रम भूमिया स्थान परिसर में शुक्रवार को राष्ट्र कल्याण स्वस्ति यज्ञ का आयोज हुआ। जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुति देकर मानव कल्याण की कामना की। वैदिक विद्वान आचार्य विजयपाल शास्त्री ने कहा कि वेद परमात्मा की वाणी है। संसार का समस्त ज्ञान विज्ञान वेदों में समाहित है। वेद मार्ग पर चलकर मानव जीवन सुखी सकता है। उन्होंने कहा संपूर्ण सृष्टि, ब्रह्मांड और अस्तित्व का नाभि यज्ञ है। यह केवल अग्नि में आहुति देना नहीं, बल्कि संसार को व्यवस्थित, शुद्ध और संतुलित रखने की दिव्य प्रक्रिया है। यज्ञ में आचार्य विजय कुमार, स्वामी आत्मानंद महाराज, धनुषपाल, सुभाष त्यागी, विनय आर्य, इंद्रेश, ममता त्यागी, बालकिशोर त्यागी, सुरेश राणा आदि ने भाग लिया।
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