जमुई, अप्रैल 11 -- जमुई । कार्यालय संवाददाता संसाधन के अभाव के साथ किसान दंश झेलने पर मजबूर है। कभी प्रकृति ओलावृष्टि के कारण फसलों को नुकसान पहुंचता है तो, कभी पानी के अभाव में। प्रशिक्षण के अभाव में सही देख भाल फसलों की नहीं कर पाते हैं। वहीं स्थानीय स्तर पर मंडी का अभाव के साथ कोल्ड स्टोरेज की समस्या भी उनकी परेशानी बढ़ा देती है। इसके बाद सभी किसानों को डीजल अनुदान की राशि भी उनके खाते में भेजी गयी। खाद की कालाबाजारी के साथ महंगे कीटनाशक के कारण अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना किसानों की मजबूरी बन गयी है। सदर प्रखंड, खैरा प्रखंड, बरहट प्रखंड, सिकंदरा प्रखंड को धान का कटोरा कहा जाता है। नहरों की व्यवस्था सुदृढ़ होने के कारण यहां धान की फसल अच्छी होती है। साथ ही धान के अलावा गेहूं, दाल व सब्जियों का उत्पादन होता है। नहरों की व्यवस्था बेहतर नहीं ...
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