गौरीगंज, अप्रैल 11 -- अमेठी। जिले में एक के बाद एक आगजनी की घटनाएं हो रही हैं। लोग आग लगने पर अग्निशमन विभाग को फोन करते हैं लेकिन ज्यादातर मामलों में फायर ब्रिगेड आग बुझने के बाद मौके पर पहुंच पाती है। इसको लेकर लोगों में नाराजगी का माहौल है। इसके पीछे बड़ी वजह संसाधन और स्टाफ की कमी बताई जा रही है। गर्मी की शुरुआत होते ही आग की घटनाएं विकराल रूप लेने लगी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जब आग लगती है तो लोग तुरंत फायर स्टेशन को सूचना देते हैं, लेकिन संसाधनों और स्टाफ की कमी के कारण समय पर राहत नहीं मिल पाती। कुछ मामलों में तत्परता दिखती है, लेकिन अधिकतर घटनाओं में देरी ही प्रमुख समस्या बनी हुई है। जिले में वर्तमान में चार बड़ी (5000 लीटर), तीन छोटी (2500 लीटर), चार मिनी (400 लीटर) फायर गाड़ियां और 40 लीटर क्षमता वाली दो बुलेट गाड़ी उपलब्ध हैं...
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