दरभंगा, दिसम्बर 22 -- केट की चकाचौंध और प्रोफेशनल लीग्स के दौर में भी मिथिला की मिट्टी में क्रिकेट और कबड्डी की खुशबू आज तक बनी हुई है। गांव की गलियों, स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालय के मैदानों और खेतों के बीच बने कच्चे अखाड़ों में आज भी क्रिकेट व कबड्डी पूरे जुनून के साथ खेली और देखी जाती है। हाल के वर्षों में मिथिला खासकर दरभंगा जिले से कई खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। आईपीएल में इजहार अहमद और कबड्डी में शमशे आलम इसका जीता-जागता उदाहरण हैं। इतना ही नहीं, कुछ दिनों पहले ही मिथिला विश्वविद्यालय की कबड्डी टीम ने राजस्थान में हुई अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में भी शानदार प्रदर्शन के दम पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी है। इसके बावजूद संसाधनों की कमी, आर्थिक तंगी और सीमित अवसरों के कारण यहां की प्रतिभा पूरी...
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