संशोधित... अदालत में फैसला सुनाने से पहले रिसर्च की कमी अफसोसजनक- सीजेआई
नई दिल्ली, जुलाई 14 -- नई दिल्ली विशेष संवाददाता देश के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने 'अदालतों में फैसला सुनाने से पहले पूरी रिसर्च न होने पर अफसोस जताया। उन्होंने पटना उच्च न्यायालय के एक फैसले पर नाराजगी जताते हुए अफसोस जाहिर किया है 'जिसमें कहा गया है कि किसी महिला की सलवार उतारने की कोशिश करना और उसकी छाती दबाकर शारीरिक छेड़छाड़ करना 'दुष्कर्म के प्रयास' का अपराध के दायरे में नहीं आता है। यह भी पढ़ें- अदालत में फैसला सुनाने पहले रिसर्च की अफसोसजनक- सीजेआईपटना उच्च न्यायालय के फैसले पर नाराजगी सीजेआई सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और वी मोहना की पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा गुप्ता ने पटना हाईकोर्ट के फैसले का उल्लेख किया और कहा कि कुछ न्यायाधीश आज भी फैसले में असंवेदनशील टिप्पणी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पटना उच...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.