संशोधित...बिना हिमालय आध्यात्मिक उत्थान की कल्पना भी संभव नहीं
रिषिकेष, सितम्बर 6 -- मायाकुंड स्थित श्रीकृष्ण देशिक संस्कृत विद्यालय में रविवार को 'हिन्दुस्तान' अखबार के हिमालय बचाओ अभियान के तहत संस्कृत छात्रों ने हिमालय संरक्षण की शपथ ली। उन्हें तुलसी मानस मंदिर के मंहत रवि प्रपन्नाचार्य महाराज ने प्रतिज्ञा दिलाई। उन्होंने कहा कि हिमालय प्राकृतिक के साथ ही आध्यात्मिक दृष्टि से अहम है। प्राचीन काल से ही हिमालय ऋषि-मुनियों, संतों और योगियों की साधना की स्थली रहा है। यह आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाने का स्रोत भी है। आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने छात्रों को हिमालय की महत्ता से अवगत कराते बताया कि करोड़ों लोगों का जीवन इससे ही जुड़ा है। उन्होंने हिमालय संरक्षण के लिए छात्रों को जागरूक कर पर्यावरण संरक्षण को भी नैतिक कर्त्तव्य बताया। यह भी पढ़ें- नेपाल त्रासदी से सीख लें, हिमालय बचाने को आगे आएं: करौली शंकर ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.