नई दिल्ली, फरवरी 18 -- नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भले ही छोटे-मोटे कामों को ऑटोमेट कर दे, लेकिन यह इंसानों की उच्च स्तर की सोच, रचनात्मकता और निर्णायक क्षमता बढ़ाने की ओर ले जाएगा। उक्त बातें दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम लीडर्स टॉक में इंफोसिस के संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति ने कही। उन्होंने प्रसिद्ध वैज्ञानिक, गणितज्ञ और कंप्यूटर प्रोग्रामर स्टीफेन वुलफ्राम को कोट करते हुए उन्होंने कहा कि मैं हमेशा मानता हूं कि मनुष्य के दिमाग से बड़ा कुछ नहीं है। एआई एक सहयोगी टूल हो सकता है। यह उच्च स्तरीय काम कर सकता है,दूसरे तरीके से हमारे लिए काम कर सकता है। यह ऑटोमस काम कर सकता है,रिमोट सर्जरी, सही नाम तौल के साथ उत्पाद तैयार करने, कोड जेरनेट करने, साफ्टवेयर बनाने में अच्छा है लेकिन इसके लिए एआई को बार बार ...
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