संशोधन से विदेशी चंदे में पारदर्शिता और बढ़ेगी
नई दिल्ली, अगस्त 6 -- इंट्रो ::: भारत में गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और ट्रस्टों को मिलने वाली विदेशी फंडिंग को लेकर केंद्र सरकार 'विदेशी अंशदान विनियमन (संशोधन) विधेयक 2026' (एफसीआरए) लाने जा रही है। इस नए संशोधन का मुख्य उद्देश्य विदेशी चंदे में पूर्ण पारदर्शिता लाना, वित्तीय अनुशासन लागू करना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है। एफसीआरए क्या है? यह भी पढ़ें- क्या है FCRA बिल, आखिर ईसाई समुदाय इससे खौफ क्यों? महीने भर में अमित शाह से दूसरी बार मिलेएफआरसीए क्या है? विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम भारत का वह कानून है, जो विदेश से मिलने वाले दान, अनुदान और अन्य वित्तीय सहायता को नियंत्रित करता है। यह कानून तय करता है कि कौन सी संस्था विदेश से पैसा यानी फंड ले सकती है, किस शर्त पर ले सकती है और उस पैसे का उपयोग कैसे होगा। इस कानून का प्रव...
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