मुजफ्फर नगर, अप्रैल 1 -- मोरना सं।हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में परम पूज्य महामण्डलेश्वर स्वामी केशवानन्द महाराज के पावन आशीर्वाद से भव्य और दिव्य जयन्ती-महोत्सव जारी है। जिसमें प्रसिद्ध कथा व्यास मनोज अवस्थी द्वारा श्री हनुमान चरित्र चिंतन किया जा रहा है। श्री हनुमान चरित्र-चिंतन क्रम में तीसरे दिन कथा-व्यास मनोज अवस्थी ने हनुमान जी के विभिन्न स्वरूपों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान की कथा संशय को मिटाती है। कई बार ऐसी कथा आती है कि जिन लोगों ने भगवान का दर्शन पाया, वह कृतार्थ तो हो गए, परंतु संदेह उनसे गया नहीं। वह चाहे सती हो, गरुड़ हो। उन्हें भी बाद में कथा ही सुननी पड़ी। जब क्रिया का उद्देश्य पवित्र होता है वही धर्म बन जाता। अपवित्र उद्देश्य से किए गए कर्म को अधर्म कहा जाता है। कथा के दौरान अनेक संतो क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.