देहरादून, फरवरी 16 -- उत्तराखंड हाई कोर्ट ने गैंग रेप के एक मामले में दो आरोपियों की दोषसिद्धि को रद्द कर दिया है। जस्टिस रविंद्र मैठाणी और जस्टिस आशीष नैथानी की खंडपीठ ने 12 फरवरी को सुनाए अपने फैसले में हालांकि, अपहरण के मामले में एक आरोपी की दोषसिद्धि को बरकरार रखा। आरोपियों ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में 2018 में हुई घटना के संबंध में निचली अदालत के 2019 के निर्णय को चुनौती देते हुए अपीलें दायर की थीं। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मानसिक रूप से कमजोर एक महिला लापता हो गई थी और बाद में वह डरी हुई हालत में मिली थी। जांच के दौरान मामले में चिकित्सकीय और फॉरेंसिक टेस्ट हुए। सीसीटीवी फुटेज और डीएनए रिपोर्ट समेत मेडिकल, फॉरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच करने पर हाई कोर्ट ने पाया कि मेडिकल राय में निर्णायक रूप से रेप साबित नहीं हुआ औ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.