वाराणसी, जुलाई 28 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में मंगलवार को दीक्षांत समारोह के लिए भूमिपूजन हुआ। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन में एक नए अध्याय का प्रतीक है, जिसमें वे अपने ज्ञान और कौशल का व्यावहारिक प्रयोग करने का संकल्प लेते हैं। 44वें दीक्षांत समारोह के पूर्वसंध्या पर मंगलवार को दीक्षांत स्थल मुख्य भवन में पूर्वाभ्यास कराया गया। इस दौरान छात्रों को बैठने की व्यवस्था, शोभायात्रा, संकाय प्रमुख के आह्वान पर उत्तर देना आदि का अभ्यास हुआ। इससे पहले सुबह 10 बजे कुलपति ने दीक्षांत मंडप में भूमिपूजन भी किया। कुलपति की अध्यक्षता में हुई विद्यापरिषद और कार्यपरिषद की बैठक में मध्यमा, पूर्वमध्यमा सहित शास्त्री, आचार्य और विद्यावारिधि, विद्यावाचस्पति की 11,958 उपा...