वाराणसी, मार्च 8 -- वाराणसी। सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों में स्वामी करपात्री के ग्रंथों को शामिल किया जाएगा। शनिवार को कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस पर सहमति बनी। बैठक में स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी और युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह मौजूद रहे। कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा, धर्म-दर्शन और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के लिए धर्म सम्राट स्वामी करपात्री के ग्रंथ महत्वपूर्ण हैं। उनका 'वेद स्वरूप विमर्श' विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में पहले से शामिल है। इस अवसर पर अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि धर्म सम्राट स्वामी करपात्री का साहित्य केवल धार्मिक ग्रंथों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह भारतीय संस्कृति, समाज व्यवस्था और वैदिक जीवन मूल्यों की गहन व्याख्या प्रस्तु...