संविधान से सेक्लुलर शब्द हटाने की कोशिश पर अरशद मदनी ने जताई चिंता
सहारनपुर, अगस्त 18 -- सहारनपुर/देवबंद। जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने संविधान से सेक्युलर शब्द हटाने की मांग और इसकी कोशिशों पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि कहा है कि मुसलमान आतंकवादी नहीं हैं, देश में नफरत फैलाने वाले लोग ही असल आतंकवादी हैं। मौलाना अरशद मदनी ने स्वतंत्रता दिवस पर जारी बयान में कहा कि जानबूझ कर षड़यंत्र के तहत देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज उन्हीं मदरसों को आतंकवाद से जोड़ने की कोशिश की जा रही है जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन में मुख्य भूमिका निभाई थी। यह भी पढ़ें- नफरत फैलाने वाले सांप्रदायिक लोग ही असल आतंकवादी, मौलाना अरशद मदनी बोले उन्होंने कहा कि आज जब देश में धर्मनिरपेक्षता को लेकर बहस चल रही है और संविधा...
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