अंबेडकर नगर, जून 20 -- अम्बेडकरनगर, संवाददाता। सरकार की स्थानांतरण नीति पर सवाल खड़ा किया जा रहा है। खासकर संविदा कर्मियों की नीति को गलत बताया जा रहा है। संविदा कर्मियों का तबादला न होने के बने नियम को गलत बताया जा रहा है। विशेष रूप से संविदा के लिपिक (बाबू) और अकाउंटेंट का स्थानांतरण न होने को भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला बताया जा रहा है। कई सेवानिवृत अधिकारियों और कर्मचारियों ने कहा कि वर्षों तक एक ही स्थान पर किसी की भी तैनाती से मनमानी के साथ पद के दुरुपयोग की आशंका रहती है। विकास भवन के प्रशासनिक अधिकारी पद से रिटायर्ड श्रीप्रकाश सिंह कहते हैं कि सरकारी विभागों में कार्यरत संविदा के बाबू के साथ अकाउंटेंट और अन्य संविदा कर्मियों का भी नियमित अंतराल पर स्थानांतरण किया जाना चाहिए। उनके साथ कई प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि जब स्था...