संतकबीरनगर, मार्च 13 -- संतकबीरनगर, निज संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा बिजली वितरण कंपनियों के निजीकरण की तैयारी के तहत बड़े पैमाने पर संविदा कर्मियों की छटनी की गई है और की जा रही है। इससे गर्मियों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।संतोष गुप्ता ने बताया कि नए टेंडरों में तय मानकों के विपरीत लगभग 45 प्रतिशत तक संविदा कर्मियों की कमी कर दी गई है। पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष ने नवंबर 2024 में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के निर्णय का खुलासा किया, जबकि संविदा कर्मियों को हटाने की प्रक्रिया इससे पहले ही प्रारम्भ कर दी गई थी। अशोक कुमार ने कहा कि यह अत्यंत अमानवीय स्थिति है कि जिन संविदा कर्मियों ने 20-25 वर्षों ...