मुजफ्फरपुर, अप्रैल 8 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र मुशहरी में बुधवार को निदेशक डॉ. विकास दास की अध्यक्षता में किसान-वैज्ञानिक संवाद हुआ। इसमें पौधा संरक्षण विभाग के सहायक निदेशक चंद्रदीप कुमार समेत केंद्र के अन्य वैज्ञानिक भी मौजूद रहे। लीची किसान, व्यापारी, प्रसंस्करण उद्यमियों एवं अन्य हितधारकों समेत 70 प्रतिभागी शामिल हुए। बैठक में उद्यान्न रत्न किसान भोलानाथ झा ने पौधा संरक्षण विभाग के सहायक निदेशक से कहा कि मुजफ्फरपुर लीची के लिए प्रसिद्ध है, मगर विभाग की ओर से कीटनाशी कागजात पर बांटी जाती है। उन्होंने कहा कि दवा वितरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।मीनापुर के किसान प्रमोद कुमार सक्सेना ने कहा कि ऑनलाईन आवेदन किया था। दवा लाने गया तो कृषि विभाग के स्थानीय कर्मी ने रसीद पर साइन करने को कहा। स...