संवत्सरी पर श्रद्धालुओं ने मांगी क्षमा, अपनाया सद्भाव का संकल्प
जामताड़ा, सितम्बर 16 -- बिंदापाथर, प्रतिनिधि। पर्युषण पर्व के आठ दिवसीय आयोजन के समापन पर मंगलवार को जैन धर्मावलंबियों ने संवत्सरी पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आत्ममंथन एवं आत्मशुद्धि का संकल्प लिया। इस दौरान मन, वचन और कर्म से हुई भूलों के लिए एक-दूसरे से क्षमा मांगते हुए मिच्छामि दुक्कड़म् कहा। यह भी पढ़ें- Kanpur News: क्रोध को क्रोध से समाप्त नहीं कर सकते, विचार हो जाते हैं क्रूर संवत्सरी का महत्व जैन धर्म में संवत्सरी को क्षमायाचना और आत्मचिंतन का विशेष दिन माना जाता है। श्रद्धालुओं ने क्रोध, द्वेष और अहंकार का त्याग कर क्षमा, करुणा और सद्भावना को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह जैसे पांच प्रमुख व्रतों के पालन का संदेश दिया गय...
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