संयम का अर्थ है अपनी इंद्रियों और मन को नियंत्रण में रखना : जैन मुनि 108 श्री विव्रत सागर
बिजनौर, सितम्बर 21 -- दशलक्षण महापर्व पर जैन मुनि 108 श्री विव्रत सागर उत्तम संयम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संयम का अर्थ है। अपनी इंद्रियों और मन को नियंत्रण मे रखना ताकि वे गलत दिशा मे न भटकें। सोमवार को ग्राम पाडला स्थित भगवान ऋषभ नाथ के मंदिर में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पूजा अर्चना की अपने परिवारों की सुख समृद्धि की कामना की। इसके अलावा बल्दाना में स्थित पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में जैन पंडित सनमति ने धार्मिक अनुष्ठान क्रियो के साथ पूजा अर्चना संपन्न कराई। नहटौर के श्रीजी मंदिर में जैन मुनि विव्रत सागर उत्तम संयम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्तम संयम धर्म का अर्थ है कि मन वचन और शरीर को काबू में रखना और इंद्रियों को वश में करना। यह भी पढ़ें- Shamli News: मन और इंद्रियों पर नियंत्रण ही उत्तम संयम धर्म-नरेश मुनि मनुष्य को अपन...
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